3. दिवानो की हस्ती
विद्या :- कविता
लेखक :- भगवतीचरण वर्मा
शब्दार्थ...........
हस्ती - अस्तित्व
आलम - दुनिया, माहौल
स्वच्छंद - अपनी इच्क्षा के अनुसार चलने वाला
प्रश्न अभ्यास
1.कवि ने अपने आने को 'उल्लास' और जाने को 'आंसू बनकर बह जाना' क्यों कहा है?
Ans:-दीवाने जहाँ जाते है वहां खुशियों से भर देते है जिससे लोग खुश होकर 'उल्लास' मनाते है| लेकिन वही जब चले जाते है तो लोग दुखी हो जाते है जिसे कवि ने आंसू बनकर बह जाना कहा है|
2.भिखमंगो की दुनिया में बेरोक प्यार लुटानेवाला कवि ऐसा क्यों कहता है कि वह अपने हृदय पर असफलता का एक निशाँ भार की तरह लेकर जा है? क्या वह निराश है या प्रसन्न है?
Ans:- कवि ने दुनिया को बहुत सारा प्यार दिया लेकिन बदले में उसे वह प्यार नही मिला | यह दुनिया केवल लेना जानती है देना नही | निराश होकर कवि इसे अपने दिल पर असफलता का एक निशान भार मानता है|
3. कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी?
Ans:- कविता में कवि का बेवाक अंदाज सबसे अच्छा लगता है जिसमे वह कहते है की हमें सबो में खुशियाँ बाँटना चाहिए | सुख-दुःख में एक समान रहने तथा अपना पराया नही करना चाहिए
BY..ASLAM SIR
KASHRI ( BHAGALPUR, BIHAR )
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